आक्सीजन की कमी से कोरोना संक्रमित मरीजों की सांसों की डोर टूट रही है । अपनों की जिंदगी बचाने के लिए आक्सीजन के लिए लोगों की कतार लगी है । विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना संक्रमितों को जरूरत पड़ने पर मेडिकल आक्सीजन ही देनी पड़ेगी , लेकिन महामारी के इस दौर में सांस की तकलीफ को देखते हुए अब हमें पर्यावरण के प्रति जागरूक होना ही पड़ेगा । इसकी शुरुआत अपने घर से करनी होगी । हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के एग्रो टूरिज्म सेंटर के इंचार्ज डा . अरविंद मलिक बताते हैं कि प्रदूषण वाहर ही नहीं , घर के अंदर भी है । घर की रसोई में भोजन बनाने , लैपटाप , कंप्यूटर , टैबलेट , मोबाइल , एलईडी , एसी , फ्रिज व अन्य कई तरह के उपकरणों से प्रदूषण फैलता है । आजकल हर घर की जरूरत बन चुके इन उपकरणों से कई प्रकार की हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है । घर के अंदर की हवा को शुद्ध रखने और हवा में घुलनशील हानिकारक रसायनों को खत्म करने के लिए इन दिनों बाजार में एक उपकरण आ गया है । उसका नाम है एयर प्यूरीफायर । पांच हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक में मिलने वाले एयर प्यूरीफायर के काम करने को लेकर सभी कंपनियों के अलग - अलग दावे हैं , लेकिन एक 50 रुपये का पौधा इन हजारों परापाड़ा वायु शोधक से बेहतर है। बस उनमें ऑक्सीजन मुक्त करने वाले पौधे लगाएं। पौधों को थोड़ा पानी चाहिए। इनडोर प्लांट कार्बन मोनोऑक्साइड और देखभाल। घर के अंदर की हवा और बेंजीन जैसी जहरीली हवा को अवशोषित करके, हम इसे शुद्ध रखने के लिए बहुत अधिक ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं।
हमें प्रकृति से प्रेम करना है और फालतू खर्च और वैभव पर ढेर सारा पैसा खर्च करना है। लेकिन घर में साफ हवा मिलनी चाहिए। कुछ ऐसे इनडोर प्लांट लगाने के बारे में सोचते हैं। बंगले और कमरों में रहने वाले लोगों के घरों में इंडोर प्लांट्स देखने को मिलते हैं। लेकिन अब हर इंसान को प्रकृति से प्यार करने की आदत डालनी होगी।
इन पौधों को घर में लाएंगे तो नहीं रहेगी आक्सीजन की कमी नाग पौधा , एरेका पाम , सिंगोनियम , क्रोटोन , मनी प्लांट , एलोवेरा , स्पाइडर प्लांट , लेडी पाम , बोस्टन फर्न , पाइथीफाइलम , गोल्डन पोथेस , मदर - इन - लॉ टंग , रबड़ प्लांट , तुलसी , बैंबू पाम
50 का पौधा 40,000 का काम
Reviewed by ARJUN KUMAR
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May 13, 2021
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