कल से ही पूरी दुनिया में इजराइल ने एक तहलका मचा दिया है उसके रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि इजराइल ने क्रोना के लिए वैक्सीन बना ली है। क्रोना से लड़ रहे डॉक्टरों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है । बहुत ही अच्छी बात है कि इस इस टीके से क्रोना से मुक्ति पाई जा सकती है जिसने पूरी दुनिया को तबाह कर रखा है और मानव जाति के लिए एक गंभीर संकट पैदा कर दिया है।
पर जरा सोचिए हम कहीं जल्दबाजी तो नहीं कर रहे। बेशक इजराइल ने यह दावा किया है और पर उसने अभी तक इसके लिय मानव परीक्षण का कोई भी सबूत नहीं दिया है। यह मानना बहुत ही जल्दबाजी होगी कि बिना मानव परीक्षण के आप यह टीका किसी को भी लगा देंगे उसके दुष्परिणाम भी हो सकते हैं।
दूसरी चिंता का विषय यह है कि क्या इजरायल मानव सभ्यता के लिए इस वैक्सीन को कम दाम पर दूसरे देशों को निर्यात करेगा या वह इसके बदले भारी कीमत वसूल लेगा क्योंकि इजराइली जो होते हैं वह शुरू से ही व्यापार को ज्यादा तवज्जो देते हैं। यद्यपि वह भारत का बहुत अच्छा दोस्त है पर हमें यह देखना होगा यह दोस्ती सच में कितनी सच्ची है और कितनी मतलबी।
इजराइल के रक्षा मंत्री नफताली ने यह भी कहा है कि वह जल्दी इसका पेटेंट करवा लेंगे। पर मेरा विचार यह है कि इसका पेटेंट करवाने से अच्छा यह है कि इसको विश्व स्वास्थ्य संगठन दे देना चाहिए़। और जो विकसित देश हैं इसके बदले इजराइल को एक अच्छी खासी रकम दे दे इससे फायदा यह होगा कि इस वैक्सीन का लाभ वह गरीब देश नहीं उठा सकते हैं जिनके पास अभी पैसे की बहुत कमी है।
फिर भी अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी अब यह देखना बहुत ही दिलचस्प होगा कि इजराइल क्या करता है और यह भी देखना होगा कि वह अपने मित्र भारत के लिए इस वैक्सीन के लिए क्या रियायत है। क्योंकि हमारे भारत ने अपनी मित्रता निभाते हुए इजराइल को भी बड़ी संख्या में दवाइयों की सप्लाई की थी और कर भी रहा है।
क्रोना वैक्सीन पर इजराइल का दावा कितना सही है?
Reviewed by ARJUN KUMAR
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May 06, 2020
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