जब से क्रोना वायरस आया है तब से लगभग पूरे विश्व में लॉक डाउन हुआ है दुनिया की 50% आबादी घरों में बंद है। पर इसके बावजूद भी कई काम अभी भी चल रहे हैं वह सारे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रहे हैं, बेशक स्कूल कॉलेज इंस्टिट्यूट बंद है पर उनकी क्लास ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए चल रही है। सरकारी कामकाज भी वैसे ही चल रहा है। सारी भारत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए zoom,skype,webex एप्लीकेशन का प्रयोग होता है और यह सारी एप्लीकेशन भारत के नहीं है , और इनमें से सबसे ज्यादा जो चर्चा में है zoom अप्लीकेशन है।
क्रोना वायरस के आने से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्काइप एप्लीकेशन का दबदबा था पर अब zoom का नाम काफी हो गया है, इसका कारण यह है कि इसकी वीडियो क्वालिटी बहुत अच्छी है और यह डाटा भी बहुत कम इस्तेमाल करती है दूसरा यह है कि यह जल्दी डिस्कनेक्ट नहीं होता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में, इन सभी कारणों से ही आजकल दुनिया में इसको बहुत ज्यादा डाउनलोड किया जा रहा है और हमारे भारत में ही लाखों लोगों ने इसको डाउनलोड किया है।
पर कई बार zoom एप्लीकेशन पर साइबर क्राइम के आरोप लग चुके हैं पहले आरोप छोटे मोटे लगते थे कोई सबूत नहीं होता था। पर अभी हाल में ही टोरंटो विश्वविद्यालय ने इस पर रिसर्च किया और यह पाया कि किया zoom कंपनी के कई सारे सर्वर जो हैं वह चाइना मे है और चाइना में इसके 700 कर्मचारी काम करते हैं, चाइना में इसकी तीन कंपनियां भी है। इन को देखते हुए ताइवान की सरकार ने अपने सरकारी कामकाज के लिए zoom को बंद कर दिया है।
द इकोनॉमिक्स टाइम्स अखबार के द्वारा भी इस पर साइबर क्राइम के आरोप लगे
अब सवाल यह उठता है कि इतनी आरोपों के बावजूद भी क्या यह एप्लीकेशन सुरक्षित माना जा सकता है उसके बावजूद भी एक बहुत बड़ा खबरिया निकली की हमारे जो मंत्री हैं इस जूम एप्लीकेशन का प्रयोग करके कॉन्फ्रेंसिंग की थी हमारे चीफ ऑफ डिफेंस से
तो सवाल यह उठता है कि जब दो व्यक्ति आपस में बात कर रहे हो तो यह संभावना पूरी पूरी बनती है कि आप की निजता का उल्लंघन हो सकता है और आपकी डाटा चोरी होने का भी डर है। सवाल यह भी उठता है कि हमारी भारत इतनी बड़ी आबादी है और देश में इंटरनेट डाटा भी बहुत सस्ता है हम एक महाशक्ति बनने का सपना देखते हैं तो क्या किसी दूसरे देश का एप्लीकेशन वह भी ऐसा एप्लीकेशन जो थर्ड पार्टी की सर्विस लेता हो उसका प्रयोग करना कितना उचित है यह सरकार को और देशवासियों को सोचना पड़ेगा।
मैं यह नहीं कहता कि मेरे इस आर्टिकल को आप लोगों में शेयर करें हां पर इतना जरूर कहता हूं कि आप किसी भी सोशल मीडिया में एक्टिव हो तो वहां पर चर्चा जरूर करें कि जब हमारे पास इतना कुछ है तो क्यों ना हमारा अपना खुद का वीडियो कॉन्फेंसिंग एप्लीकेशन हो क्योंकि इस लॉक डाउन में आजकल सारे काम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही हो रहे हैं। ऐसा करने से यह होगा कि अब बात सरकार को नजर आएगी कि लोगों की डिमांड है कि खुद का अपना एप्लीकेशन हो जो वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के लिए बेस्ट हो और अच्छी क्वालिटी का हो क्या पता सरकार इस पर विशेष ध्यान दें और इसको जल्दी ही बना दे। इस लॉक डॉन की स्थिति में खुद का अपना एप्लीकेशन सरकार के लिए और इस देश के लिए बहुत ही सुरक्षित और अच्छा होगा।.
zoom एप्लीकेशन क्या है?
Reviewed by ARJUN KUMAR
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April 08, 2020
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